devotional

शुद्ध, असली और प्रमाणित
जय श्री कृष्णा
आज हमारे देश में मिलावट और अशुद्धता का बोलबाला है चाहे वह पडचून का सामान हो, धार्मिक सामान हो या आयुर्वेदिक दवाएं और जड़ी बूटियां हो, या यंत्र-रत्न आदि की प्राण प्रतिष्ठा | आज व्यक्ति बाजार में मिल रही वस्तुओं को संदेह की नज़र से देखता है कि असली है या नही | और यह बात यंत्र, मालाओं, रत्न एवं ऐसी ही अन्य वस्तुओं पर ज्यादा लागु होती है जिसका आम आदमी को अधिक ज्ञान नही होता तो वह केवल बेचने वाले के भरोसे पर ही वह सामान लेता है ऐसे में अगर वह सामान नकली मिल जाये तो पहले से ही परेशान व्यक्ति जिस उद्देश्य या लाभ के लिए पैसा खर्च कर रहा है वह व्यर्थ जाता है और व्यक्ति का भरोसा उठ जाता है |
वसुधैव कुटुम्बकं इन्ही समस्याओ को ध्यान में रखकर कुछ धार्मिक प्रोडक्ट्स आपके लिए उपलब्ध करवा रहा है जो पूर्ण रूप से शुद्ध और असली होंगे | अभी शुरुआत में थोड़े उत्पाद आपके लिए लांच किये जा रहे है लेकिन समय के साथ आपको एक विस्तृत श्रेणी में सभी उत्पाद उपलब्ध होंगे |
रुद्राक्ष : आमतौर पर व्यक्ति के मन में रुद्राक्ष को लेकर शंका बनी रहती है कि यह असली है या नकली प्लास्टिक या काष्ठ का | ज्यादातर लोग जानकारी के अभाव में नकली पोलिश किये हुए रुद्राक्ष पहने घूम रहे है जिसका उन्हें कोई फायदा नही मिल रहा | जबकि रुद्राक्ष अपने आप में एक महाशक्ति है और अनेको रोगों और समस्याओं का सटीक हल है परन्तु आज बहुत कम लोगो के पास असली रुद्राक्ष देखने को मिलता है | ऐसे में वसुधैव कुटुम्बकं आपको शुद्ध असली रुद्राक्ष फल उपलब्ध करवा रहा है जिसे आप स्वयं अपने हाथों से छील कर रुद्राक्ष निकालेंगे | और अपनी आँखों के आगे इसे चांदी में या धागे में पिरोकर पहन सकेंगे | यह आपकी स्वयं की किस्मत पर निर्भर करेगा की आपको कितने मुखी रुद्राक्ष की प्राप्ति होगी | यह फल आप 6 माह तक अपने पास बिना रुद्राक्ष निकाले रख सकते है, खराब नही होगा | इसे preserve करके आपको भेजा जायेगा |
यंत्र एवं रत्न : आदिकाल से ही हमारे धर्म में समस्याओं के निवारण हेतु एवं सुख समृद्धि और तरक्की हेतु विभिन्न प्रकार के यंत्र एवं रत्न धारण करने की परम्परा रही है जिसका हमे प्रत्यक्ष लाभ भी देखने को मिलता है | कुछ रत्न एवं यंत्र स्वयंसिद्ध होते है अर्थात उन्हें अलग से किसी विधि द्वारा सिद्ध करने की आवश्यकता नही होती, तो कुछ यंत्र एवं रत्नों को उनके स्वामी देवता या देवी के आह्वान एवं मंत्रो द्वारा जागृत एवं प्राण प्रतिष्ठित किया जाता है जिससे वह कार्य करना शुरू करते है | आज बाज़ार में, अखबारों में और टेलीविज़न-इन्टरनेट अनेको प्रकार के यंत्रो और रत्नों की बाढ़ आई हुयी है जो जागृत एवं प्राण प्रतिष्ठित होने का दावा करके बेचे जा रहे है | बाज़ार में या अन्य ऐसे किसी माध्यम से मंगवाए गये तथाकथित प्राण प्रतिष्ठित यंत्र या रत्न से किसी को विशेष लाभ हुआ है ऐसा बहुत ही कम सुनने को मिला है जबकि ये काफी महंगी दर पर बेचे जा रहे है | इनसे खरीदने वाले को कोई फायदा हुआ हो या न हुआ हो बेचने वाला अवश्य ही सुखी हुआ है | ऐसे यंत्र या रत्न काम इसलिए नही करते क्योंकि वो सही तरीके से जागृत हुए ही नही होते | यंत्र और रत्न हमेशा व्यक्ति विशेष जो धारण कर रहा है उसके नाम, गोत्र, कुल और स्थान से प्राणप्रतिष्ठित होते है यह आप सभी जानते है | और ऐसे बेचने वाले हमारे ख्याल से एक भी व्यक्ति का व्यक्तिगत रूप से यंत्र या रत्न प्राण प्रतिष्ठित करवा कर नही देते है क्यों की उनके पास पहले से ही भारी मात्रा में जागृत यंत्र होते है जिनको बेचने से ही उन्हें फुर्सत नही मिलती | ऐसे में यंत्र या रत्न कार्य कैसे करेंगे आप ही बताये | यह तो सीधा सीधा जनता के विस्वास और परेशानियों का लाभ उठाना हुआ |
इस गंभीर समस्या को देखते हुए वसुधैव कुटुम्बकं ने समर्पण भारत के विद्वान ज्योतिषाचार्यो द्वारा आपके व्यक्तिगत नाम, गोत्र, कुल एवं स्थान से जागृत और प्राण प्रतिष्ठित किये हुए यंत्र और रत्न उपलब्ध करवाने का प्रयत्न किया है | जिससे आपको उस यंत्र या रत्न का पूरा पूरा लाभ प्राप्त हो सके और आप समस्याओं से मुक्त होकर सुखी, समृद्ध और सफल जीवन जी सकें | इसी क्रम में अभी कुछ यंत्रो से शुरुआत की जा रही रही है जो समय के साथ आपके सहयोग से विस्तृत श्रेणी में आपको उपलब्ध होंगे | आपको इन यंत्रो – रत्नों की किंत प्रथम दृष्टि में हो सकता है अधिक लगे परन्तु अलग अलग प्राण प्रतिष्ठित करवाने में कुछ खर्च अधिक लगता ही है यह बात आप असनि से समझ सकते है | उम्मीद है हमारे द्वारा आपके व्यक्तिगत नाम से प्राण प्रतिष्ठित किये हुए यंत्रो को धारण कर आप अपनी निजी, व्यापारिक, सामाजिक और पारिवारिक समस्याओ से मुक्त होकर सुखी जीवन प्राप्त कर पाएंगे |